90

*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*

         *९०*

*निर्भय होकर आगे बढ़ते जाइये*

   पारिवारिक झंझटों से मन कभी-कभी खिन्न हो जाता है ठीक है, अभी ऐसा हो सकता है,  किन्तु बिल्कुल घबरायें नहीं। भगवान की कृपा से आपमें भगवान को प्राप्त करने की इच्छा जाग्रत हुई है, उस कृपा से ही एक दिन *वासुदेवः सर्वमिति* के रूप में जगत दीख सकता है। उस दिन यह झंझट नहीं रहेगा,आनन्द का स्रोत बह जायगा। निर्भय होकर आगे बढ़ते जाइये, भगवान् आपके पीछे हैं।

*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*

Comments

Popular posts from this blog

92

157