123

*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*

                *१२३*

*कृपा के लिये श्रीजी के चरणों का चिन्तन करें।*

             'श्रीजी की मुझ पर कृपा है, इसका अनुभव कैसे हो'--इसका उपाय आपने पूछा है। मेरी समझ में इसका सर्वोत्तम उपाय है--श्रीजी के चरणों का निरन्तर चिन्तन। मन श्रीजी के चरणों में चिपककर ही श्रीजी की कृपा का अनुभव कर सकता है। अत्यन्त प्रेम से ‘राधे-राधे' कहते हुए श्रीराधा रानी के चरणों में मन को लीन कर दें। फिर ऐसी कृपा का अनुभव होगा कि आप निहाल हो जायँगे।

*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*

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