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*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*
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*सन्तके साथ शुद्ध पारमार्थिक सम्बन्ध ही रहे*
जीवन का उद्देश्य यदि भगवान हैं तो फिर किसी भी जागतिक प्रलोभन में नहीं भूलना चाहिये। भगवान श्रीकृष्ण ने राजा मुचुकन्द को स्वयं प्रलोभन देकर जाँचा ; किन्तु मुचुकन्द ने भगवान की ही दया से भगवान को लिया, भोगों को नहीं। उसी प्रकार सन्त के साथ सर्वथा शुद्ध पारमार्थिक सम्बन्ध ही रहे।
*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*
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