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*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*
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*युगल-सरकार को चित्त में बसाइये*
युगल-सरकार को चित्त में बसाइये--जीवन का यही परम लाभ है। समय विद्युत की भाँति आपके देखते-देखते आपको छोड़कर भाग रहा है। गिनती के श्वास एक-एक करके कम होते जा रहे हैं। अब समय नहीं है कि आप किसी भी अन्य प्रपञ्च में तनिक भी मन लगायें। वाणी प्रिया-प्रियतम के मधुर नामका उच्चारण करे, कान उनके लीलामृत का पान करें एवं नेत्रों के सामने युगलछबि निरन्तर बनी रहे--बस, यही अभ्यास करना है तथा प्राणों की शक्ति लगाकर करना है।
*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*
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