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*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*

             *१३५*

*महावाणी के पाठ का अधिकारी*

          महवाणी के पाठ का वास्तविक अधिकारी वह है, जिसके मन में  स्त्रीसम्भोग की भावना सर्वथा समाप्त हो गयी हो, जो कामविकार से सर्वथा मुक्त हो गया हो। महावाणी एक परम दिव्य ग्रन्थ है। बिना अधिकारी बने जो उसका पारायण करता है, उसके जीवन मे पतन की आशंका विशेष है। प्रियाप्रियतम उनकी रक्षा करें।

*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*

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