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*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*

            *१५२*

*भजन के लिए काम छोड़ने की आवश्यकता नहीं*

           भजन का सम्बन्ध मन  से है। काम छोड़ने पर भी मन तो साथ छोड़ेगा नहीं। जो मन आज है, वही फिर भी तरह-तरह के धोखे से भजन से हट सकता है। इसलिए पहले कुछ दिन अलग रहकर अच्छी तरह भजन का अभ्यास करके देख लेना चाहिए। भजन में मन लग जाय तो फिर सारे संसार का काम भले ही चौपट हो जाय, कोई हानि नहीं। पर भजन में मन न लगकर प्रमाद का जीवन न बने--इस विषय में विशेष सावधान रहना चाहिये।

   *।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*

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