155
*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*
*१५५*
*एक ही परामर्श*
मैं तो आपको एक ही परामर्श देता हूँ--प्रियाप्रियतम को कम-से-कम पाँच मिनट पर तो याद कर ही लें।
जैसे हो, वैसे प्रियाप्रियतम की अखण्ड स्मृति बनी रहे, यही करना है। आप अवश्य करें--यही मेरा सप्रेम अनुरोध है।
*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*
Comments
Post a Comment