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*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*

             *७४*

*सब प्रकार से भगवान् की शरण में जाना चाहिये*

          भगवान की शरण लेनी चाहिये, फिर जो हो, कोई चिन्ता नहीं। भगवान् मंगलमय, मंगल ही करेंगे। मान लें आप बीमार चल रहे हैं और आपके मरने में कल्याण है तो आप कभी भी नहीं बच सकते। यदि जीवनदान मिलने से आपके जीवन में सुधार होना संभव होगा तो भगवान आपकी प्रार्थना अवश्य सुन लेंगे। उस अवस्था में एक मारकेश क्या, लाखों मारकेश उनकी दया से टल जायेंगे और आपकी आयु बढ़ जायगी। उनकी दया के बिना उनके विधान में कोई हेर-फेर नहीं हो सकता। अतः सब प्रकार से उनकी शरण में जाना चाहिये।

*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*

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