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*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*

       *८६*

*बस भगवान का नाम लेते जाइये*

   हम सब श्रीभगवान की असीम दया में अवगाहन कर रहे हैं, किन्तु लीलामय ही है कि सबको एक साथ अपनी अहैतुकी दया का परिचय नहीं देते। उनकी दया से कोई प्राणी वञ्चित नहीं है। समय एवं सुविधा अनुसार यदि आप भी चेष्टा करेंगे, अर्थात् और कुछ भी न बने उनका नाम ले-लेकर उन्हें पुकारते रहेंगे,तो आपको भी उस दयाका परिचय अवश्य मिल जायगा---यह मेरा विश्वास है। भगवान का स्वभाव बड़ा विलक्षण है जिसे वे एक बार अपनी ओर खींच लेते हैं, उसका परित्याग करते नहीं। बस भगवान का नाम लेते जाइये। यह मेरी एकमात्र प्रार्थना है।

*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*

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