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*आस्तिकता की आधार-शिलाएँ*
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*कृपा का आश्रय करके आगे बढ़ चलें*
वास्तव में आवश्यकता है-शास्त्र पर, महापुरुषों के वचनों पर श्रद्धा करने की। फिर कोई कार्य शेष रहता नहीं; साधन तो अपने-आप होने लग जाता है। *****सारी त्रुटि भगवान की कृपा से ही दूर हो सकती है। उनकी कृपा भी सब पर है। केवल उस कृपा का ही आश्रय करके हम आगे बढ़ चलें, अन्धकार अवश्य ही दूर होगा।
*।। परम पूज्य श्रीराधाबाबा जू ।।*
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